अमर शहीद सुखदेव की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन : वंशिका सोनकर
पार्षद वंशिका सोनकर ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सुखदेव थापर एक ऐसा नाम है जो न सिर्फ अपनी देशभक्ति, साहस और मातृभूमि पर कुर्बान होने के लिए जाना जाता है, बल्कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के अनन्य मित्र के रूप में भी उनका नाम इतिहास में दर्ज है।

देहरादून। युवा भाजपा नेत्री, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं वार्ड संख्या 18 इंदिरा कॉलोनी की नगर निगम पार्षद वंशिका सोनकर ने देश के अमर शहीद सुखदेव की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए सादर नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने समस्त देशवासियों को “विश्व परिवार दिवस” की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर जारी अपने संदेश में पार्षद वंशिका सोनकर ने कहा- महान क्रांतिकारी एवं देश के अमर शहीद सुखदेव जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन। भारत माता के वीर सपूत सुखदेव थापर ने अल्प आयु में ही स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा करते हुए बहुत छोटी सी उम्र में ही अनेक यातनाएं सही। सुखदेव के बिना भगत सिंह और राजगुरु की तिकड़ी अधूरी थी।

पार्षद वंशिका सोनकर ने कहा कि ब्रितानिया हुकूमत को अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों से दहला देने वाले सुखदेव का जन्म 15 मई 1907 को पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ था। अपने बचपन से ही उन्होंने भारत में ब्रितानिया हुकूमत के जुल्मों को देखा और इसी के चलते वह गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए क्रांतिकारी बन गए।

जनसेवी वंशिका सोनकर ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सुखदेव थापर एक ऐसा नाम है जो न सिर्फ अपनी देशभक्ति, साहस और मातृभूमि पर कुर्बान होने के लिए जाना जाता है, बल्कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के अनन्य मित्र के रूप में भी उनका नाम इतिहास में दर्ज है। उनके जन्मदिवस पर उन्हें कोटिशः नमन।

विश्व परिवार दिवस की शुभकामनाएं दी
इसके साथ ही पार्षद वंशिका सोनकर ने समस्त देशवासियों को “विश्व परिवार दिवस” की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि “हमारे जीवन में परिवार से बड़ा कोई धन नहीं होता।” इसलिए परिवार के बिना जीवन व्यर्थ है।
उन्होंने “विश्व परिवार दिवस” के अवसर पर सभी से आह्वान करते हुए कहा कि इस मौके पर ये संकल्प लें कि अपने जीवन में परिवार के महत्व को कभी कम नहीं होने देंगे और माता-पिता का सम्मान कर परिवार सँग मिलजुलकर रहेंगे।



