उत्तराखण्डराजनीति

राज्य की रजत जयंती में नज़र आया भाजपा सरकार का प्रचार : भावना पांडे

भावना पांडे ने कहा, ये वो उत्तराखण्ड राज्य नहीं रहा जिस प्रदेश की परिकल्पना हम राज्य आंदोलनकारियों ने की थी। भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों ने इस राज्य की दुर्दशा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य को पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आये हुए 25 वर्ष का समय व्यतीत हो गया है। इसी को लेकर प्रदेशभर में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई गई किंतु इस रजत जयंती के आयोजनों में राज्य निर्माण की झलक कम और भाजपा सरकार की उपलब्धियों का प्रचार ज्यादा नज़र आया। ये कहना है उत्तराखण्ड की बेटी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी भावना पांडे का।

राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस मनाने के नाम पर बीजेपी सरकार सिर्फ अपने कार्यों का गुणगान करने और अपनी पीठ थपथपाने में ही व्यस्त नज़र आई। बीजेपी ने अपनी सरकार के प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिये। वहीं राज्य स्थापना दिवस का मुख्य आयोजन भी सिर्फ भाजपा का शक्ति प्रदर्शन ही लग रहा था। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री धामी के संबोधन भी चुनावी जनसभा के जैसे ही प्रतीत हो रहे थे। वहीं रजत जयंती के कार्यक्रमों के दौरान ना तो सही तरीके से राज्य के अमर शहीदों का ही स्मरण किया गया और ना ही राज्य आंदोलनकारियों को उचित सम्मान दिया गया। पूरे आयोजन में बस बीजेपी ही हावी नज़र आयी।

उत्तराखण्ड की बेटी भावना पांडे ने कहा, आखिर भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवाकर किसे बेवकूफ बना रही है, जबकि वास्तविकता सब जानते हैं। उत्तराखण्ड में आज भी बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, बिजली और पानी जैसी समस्याओं का कोई हल नहीं निकल पाया है। पहाड़वासियों के लिए जीवन यापन आज भी कठिन है। वहीं प्रदेश में हावी माफियाराज और भ्रष्टाचार ने इस प्रदेश की सूरत और भी बिगाड़ दी है। प्रदेश में आज भूमाफिया, शराब माफिया, खनन माफिया और नशा माफिया धड़ल्ले से अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं भ्रष्टाचारी लोग इस प्रदेश को भीतर से खोखला करने पर तुले हैं।

भावना पांडे ने कहा, ये वो उत्तराखण्ड राज्य नहीं रहा जिस प्रदेश की परिकल्पना हम राज्य आंदोलनकारियों ने की थी। भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों ने इस राज्य की दुर्दशा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। प्रदेश में आज माफियाराज के साथ ही अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं राज्य की आम जनता बुरी तरह से त्रस्त है। बेरोजगार युवा नौकरी की तलाश में सड़कों पर ठोकरें खाने और आंदोलन करने को विवश हैं। बेरोजगार युवाओं की रोजगार पाने की उम्मीद की किरण को भी प्रश्नपत्र लीक करवाकर उनका भविष्य अंधकारमय किया जा रहा है। फिर भी बीजेपी अपनी उपलब्धियां गिनवाकर “अपने मुँह मियाँ मिट्ठू”  बनने से बाज़ नहीं आ रही है। लेकिन भाजपा ये बात शायद भूल गई कि प्रदेश की जागरूक जनता उसके इस खेल को साफ तौर पर देख रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव में यहीं जागरूक जनता बीजेपी के कर्मों का हिसाब करेगी।

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